मुंबई क्राइम ब्रांच ने शहर में 7 क्लिनिक पर छापेमारी की है जिसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जांच में सामने आया है कि इन क्लिनिक में 10 बोगस डॉक्टर काम कर रहे थे। दरअसल, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 को बृहन्मुंबई के भांडुप, मानखुर्द, कुर्ला, जोगेश्वरी, बोरीवली और दहिसर इलाकों में बोगस डॉक्टरों के सक्रिय होने की विश्वसनीय जानकारी मिली थी। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी नवनाथ ढवले के मुताबिक ये लोग बिना किसी मान्य मेडिकल डिग्री और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे।
किन क्लिनिक पर हुई छापेमारी?
इन बोगस डॉक्टरों पर आरोप है कि ये गुप्तरोग समेत विभिन्न बीमारियों के इलाज के नाम पर मरीजों को एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं देते थे और उनसे मोटी फीस वसूलते थे। इस जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच यूनिट-7 की पुलिस टीम ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों के साथ अलग-अलग दिनों में मुंबई के 7 क्लिनिकों पर छापेमारी की। इनमें भांडुप का संतोष हेल्थ क्लिनिक और विनायक हेल्थ क्लिनिक, जोगेश्वरी के हमदम दवाखाना और कोहिनूर दवाखाना, बोरीवली का अंकुश आयुर्वेदिक दवाखाना, दहिसर का दीपक हर्बल हेल्थ केयर क्लिनिक और मानखुर्द का समर आयुर्वेदिक दवाखाना शामिल हैं। मानखुर्द के क्लिनिक पर कार्रवाई क्राइम ब्रांच यूनिट-6 की ओर से की गई।
एक डॉक्टर स्वयं HIV से संक्रमित
मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी नवनाथ ढवले के मुताबिक, इन 7 क्लिनिकों से कुल 10 बोगस डॉक्टर मिले। इनके पास मेडिकल क्षेत्र की वैध डिग्री नहीं थी और न ही वे महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत थे। इसके बावजूद वे डॉक्टर होने का दावा करते हुए मरीजों का इलाज कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये लोग गुप्तरोग समेत विभिन्न बीमारियों के मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं से इलाज करते पाए गए।जांच के दौरान एक डॉक्टर के स्वयं HIV से संक्रमित होने की जानकारी भी सामने आई है। आपको बता दें कि इससे पहले मुंबई क्राइम ब्रांच ने करीब 150 करोड़ रुपये के फ्रॉड के मामले में शामिल होने के आरोप में एक B.Tech ड्रॉपआउट को इंदौर से पकड़ा था।
इन धाराओं में केस दर्ज
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ क्लिनिकों में बोगस डॉक्टर मियाद खत्म हो चुकी यूनानी और आयुर्वेदिक दवाएं बेचते हुए भी पाए गए। पुलिस ने सभी क्लिनिकों से करीब 2 लाख 20 हजार रुपये कीमत की विभिन्न प्रकार की दवाइयां, दवाओं की बोतलें, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट्स और अन्य मेडिकल सामग्री जब्त की है। सभी बोगस डॉक्टरों के खिलाफ भांडुप पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1961 की धारा 33 और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-7, घाटकोपर द्वारा की जा रही है।
ये भी पढ़ें- आश्रमशाला में करीब 100 छात्रों के आधे सिर मुंडवा कर छोड़े, फोटो वायरल हुई तो नींद से जगाकर रात भर काटे बाल
नागपुर में ज्वेलरी शॉप पर दिनदहाड़े डकैती, पिस्तौल की नोक पर लूट लिए 40 तोला सोना; CCTV आया सामने